दो माह से रसोइयों को वेतन नहीं, 2000 रुपये मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल

स्कूल शिक्षा विभाग में रसोइयों के मानदेय भुगतान में देरी से बढ़ी परेशानी, आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है। आरोप है कि कई रसोइयों को पिछले दो माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें घर-परिवार का खर्च चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रसोइयों को मिलने वाला मासिक मानदेय पहले से ही बेहद कम है। करीब 2000 रुपये मासिक मानदेय में काम करने वाले इन कर्मचारियों के लिए दो माह तक भुगतान नहीं होना उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रहा है।
2000 रुपये में कैसे चलेगा परिवार?
रसोइयों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में 2000 रुपये मासिक मानदेय से परिवार चलाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद यदि समय पर मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, तो आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो जाती है।
एक ओर सरकार स्कूलों में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने की योजनाएं संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसी व्यवस्था को जमीन पर संचालित करने वाले रसोइयों को समय पर उनका मानदेय नहीं मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
दो माह का भुगतान अटका
रसोइयों के अनुसार, दो माह से मानदेय का भुगतान लंबित है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण दैनिक जरूरतों, राशन, बच्चों की पढ़ाई और अन्य घरेलू खर्चों को पूरा करने में परेशानी हो रही है।
रसोइयों का कहना है कि उनका मानदेय पहले ही इतना कम है कि उससे परिवार की मूलभूत जरूरतें पूरी करना मुश्किल है। ऐसे में लगातार दो माह का भुगतान रुकना उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति है।
सरकार से समय पर भुगतान की मांग
रसोइयों ने शासन और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए और भविष्य में मानदेय समय पर जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वहीं, इस मामले को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि सरकार को सबसे कम मानदेय पर काम करने वाले रसोइयों की आर्थिक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी पर भी विचार करना चाहिए।
सवाल यह है कि जब 2000 रुपये की मासिक राशि में ही परिवार का गुजारा मुश्किल है, तो दो-दो महीने तक भुगतान नहीं होने पर इन परिवारों की स्थिति क्या होगी?



